भारतीय राज्यव्यवस्था : संविधान सभा (Indian Polity : Constituent Assembly)



  • नागरिको द्वारा गठित ‘प्रतिनिधि निकाय’(Elected Body) जो किसी देश के संविधान का ढांचा तैयार करता है, संविधान सभा कहलाता है 
  • 1946 में कैबिनेट मिशन योजना के अर्न्‍तगत यह प्रावधान किया गया था कि भारत एक संघ होगा जो ब्रिटिश भारत व देशी रियासतों से मिलकर बनेगा। संघ की एक कार्यपालिका एवं एक विधानमंडल होगा। इसके लिए अन्‍तरिम सरकार का गठन होगा जिसमें पूरा प्रतिनिधित्‍व भारतीयों का होगा । 
  • संविधान सभा के गठन के लिए कुल 389 सदस्‍यों की संख्‍या निर्धारित हुई जिसमें ब्रिटिश भारत से 296 तथा देशी रियासतों से 93 सदस्‍य थे। 
  • ब्रिटिश भारत के 296 सदस्‍यों का चुनाव जुलाई/अगस्‍त 1996 ई. को पूरा किया गया था। जिसमें कांग्रेस ने 208, मुस्लिम लीग ने 73 निर्दलियों ने 8 तथा अन्‍य ने 7 सीटें जीती। 
  • प्रत्‍येक 10 लाख की आबादी पर संविधान सभा के लिए एक सदस्‍य प्रान्‍तीय विधानसभा के सदस्‍यों द्वारा चुना जाना था। 
  • संविधान सभा की पहली बैठक संसद भवन (नई दिल्‍ली) के केन्‍द्रीय कक्ष में 9 दिसम्‍बर 1946 को हुई जिसका मुस्लिम लीग द्वारा बहिष्‍कार किया गया। संविधान सभा की अन्तिम बैठक 24 जनवरी 1950 को हुई थी। 
  • संविधान सभा की विभिन्‍न समितियां थी जिनमें से प्रारूप समिति में 7 सदस्‍य थे, और इसके अध्‍यक्ष भीमराव अम्‍बेडकर थे। प्रारूप समीक्षा समिति में 9 सदस्‍य थे तथा इसके अध्‍यक्ष अल्‍लादी कृष्‍णास्‍वामी अय्यर थे। कच्‍चा प्रारूप समिति के अध्‍यक्ष बेनेगल नरसिंह राव थे। इसमें 4 सदस्‍य थे। 
  • संघ संविधान समिति में 15 सदस्‍य थे। इसके अध्‍यक्ष जवाहर लाल नेहरू थे। प्राप्‍तीय संविधान समिति में 25 सदस्‍य थे। इसके अध्‍यक्ष वल्‍लभ भाई पटेल थे। 
  • कार्य संचालन समिति में 3 सदस्‍य थे जिसके अध्‍यक्ष के.एम. मुंशी थे। झण्‍डा समिति के अध्‍यक्ष जे.बी. कृपलानी थे। 
  • मूल अधिकार एवं अल्‍पसंख्‍यक समिति के अध्‍यक्ष सरदार वल्‍लभ भाई पटेल थे इसमें कुल 54 सदस्‍य थे। 9 सदस्‍यों वाली संघ शक्ति समिति के अध्‍यक्ष जवाहर लाल नेहरू थे। 
  • संविधान सभा के प्रथम व अन्तिम अस्‍थाई डॉ. सच्चिदानन्‍द सिन्‍हा थे जिन्‍होने पहली बैठक की अध्‍यक्षता की थी। 
  • 11 दिसम्‍बर 1946 को डॉ. राजेन्‍द्र प्रसाद को संविधान सभा का स्‍थाई अध्‍यक्ष चुना गया। 
  • संविधान सभा के सामने उद्येशिका प्रस्‍ताव 13 दिसम्‍बर 1946 को जवाहर लाल नेहरू द्वारा रक्षा गया था जिसे 22 जनवरी 1947 को पारित किया गया था। 
  • ड्राफटिंग कमेटी का गठन 29 अगस्‍त 1947 को डॉ. भीमराव अम्‍बेडकर (भारतीय संविधान के जनक ) की अध्‍यक्षता में हुआ।
  • बेनेगल नरसिंह राव को भारतीय संविधान सभा का संवैधानिक सलाहकार नियुक्‍त किया गया था। 
  • फरवरी 1948 में संविधान का प्रारूप प्रकाशित किया गया, 26 नवम्‍बर 1949 को संविधान के प्रारूप पर हस्‍ताक्षर किये गये और निर्वाचन ,नागरिकता एवं अं‍तरिम संसद संबंधी प्रावधान लागू किये गये। शेष संविधान 26 जनवरी 1950 को प्रदत्‍त हुआ। इसी दिन को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाते हैं। 
  • संविधान के निर्माण में 2 वर्ष 11 महीने 18 दिन लगे थे तथा इसमें 64 लाख रूपये खर्च हुये थे। 
  • भारतीय गणतंत्र के प्रथम राष्‍ट्रपति के उम्‍मीदवार के रूप में जवाहर लाल नेहरू द्वारा डॉ. राजेन्‍द्र प्रसाद का नाम प्रस्‍तावित किया गया, जिसका समर्थन सरदार पटेल ने किया था। 
  • 26 जनवरी 1930 को जवाहर लाल नेहरू ने पहली बार तिरंगा फहराया था। बाद में 1950 से इसी दिन को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाने लगा। 
  • मूल संविधान में 22 भाग, 395 अनुच्‍छेद तथा 83 अनुसूचियां था। वर्तमान में 25 भाग, 454 अनुच्‍छेद (उप अनुच्‍छेद सहित) तथा 12 अनुसूचियां हैं। भारत का संविधान विश्‍व का सबसे लम्‍बा लिखित संविधान है।
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